भीतरगांव इलाके में बेमौसम हुई बारिश के पानी से मिट्टी नरम होने से अगेती बोई आलू की फसल उगने लगी है। पानी जमा न होने से आलू के पौधे को भी नुकसान नहीं हो पाया। जिससे जड़ सड़न जैसी बीमारियां अभी नहीं हुई हैं। मिट्टी में नमी की सही मात्रा आलू की वृद्धि के लिए जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा पानी कंदों के विकास और जड़ों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है।