सिद्धेश्वर सेवा समिति के तत्वावधान में अंबिकापुरम मोहल्ला स्थित शिव मंदिर के पास हो रही श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को भंडारे के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन की कथा में वृंदावन धाम से आईं कथा व्यास अर्चना त्रिपाठी ने कहा कि जीवों पर दया करें। ऐसा करने से अशांत मन भी शांत हो जाता है। इस दौरान कथा सुनने आए लोगों को भागवत गीता पुस्तक का वितरण भी किया गया। कथा व्यास ने कहा कि लोग अनायास जीवों की हत्या करते हैं, उन्हें मारते हैं, ऐसा कतई नहीं करना चाहिए। जीवों पर दया करनी चाहिए, जिससे अपार पुण्य मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण और राधा की लीलाओं के बारे में वर्ण किया। कथा समापन पर समाजसेवी डॉ. एसजी शुक्ला ने भागवत गीता पुस्तक का वितरण किया। समिति के सदस्यों ने कथा व्यास को सम्मानित किया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में दूर-दूर से आए भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान गणेश शंकर शुक्ला, प्रकाश अवस्थी, अनूप शुक्ला, संजय मिश्रा, कमलेश दीक्षित, करूणाशंकर शुक्ला व संजय वाजपेई आदि मौजूद रहे।