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सोने-चांदी के दाम में तेज गिरावट, निवेशक सहमें, ग्राहकों की हो सकती चांदी

Shikha Pandey Updated Mon, 23 Mar 2026 06:34 PM IST

अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने सोमवार को सराफा में हलचल मचा दी। सोना-चांदी के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इतनी तेज गिरावट से निवेशक भी सहम गए। सोने के दाम में प्रति 10 ग्राम 14,550 रुपये और चांदी के भाव में 29,500 रुपये प्रति किलो की कमी दर्ज की गई। सोने का भाव 1,38150 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव प्रति किलो 2,14,000 रुपये के स्तर पर आ गया। बीते शुक्रवार को सोने के दाम 1,52,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव प्रति किलो 2,43,500 रुपये के स्तर पर था। वहीं सोना-चांदी के भाव में कमी से ग्राहकों की चांदी हो सकती है। सामान्य दिनों में शहर में प्रतिदिन 35-50 किलो सोना बिकता है। इस साल जनवरी में सोेने-चांदी के दाम नए रिकाॅर्ड मूल्य पर पहुंच गए थे। सोने का दाम 29 जनवरी को 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और चांदी का भाव प्रति किलो चार लाख रुपये पार कर गया था। हालांकि बाद में भाव कम होने लगे थे। दो फरवरी को चांदी का भाव प्रति किलो 2,50,000 रुपये हो गया था। सोने के दाम भी 1,50,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर चले गए थे। मार्च की शुरुआत में चांदी का भाव तीन लाख रुपये किलो हो गया था। सोने के दाम बढ़कर 1,72,250 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए थे। उप्र सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि सोना-चांदी के दाम में तेज गिरावट देखने को मिली। ऐसा युद्ध के कारण हो रहा है। तमाम छोटे देश अपनी अर्थव्यवस्था को बचाए रखने के लिए अपना रिजर्व गोल्ड बाजार में ला रहे हैं। सोने-चांदी के दाम में बीते कुछ दिनों से नरमी चल रही थी। इससे सर्राफा बाजार में रौनक भी लौट आई है। ईद पर भी सराफा को अच्छा व्यापार मिला था। नवरात्र चल रहे हैं और 20 अप्रैल से सहालग शुरू हो रही हैं। इसके चलते सोने-चांदी की अच्छी खरीदारी की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि भावों में उठापटक से निवेशक परेशान हो गए हैं। निवेशकों को तगड़ा झटका भी लगा है। भाव कम रहते हैं तो ग्राहक बाजार में आएंगे। आल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि चांदी के भावों में करीब 10 प्रतिशत और सोने के भाव में 8-9 प्रतिशत की कमी एक दिन में दर्ज की गई। आगे भी दामों में तेजी या कमी देखी जा सकती है। दरअसल कच्चा तेल महंगा होने पर सोना-चांदी के भाव बढ़ते हैं। लेकिन युद्ध के चलते पूरे विश्व में महंगाई बढ़ गई है। अमेरिका के फेड रिजर्व से निवेशकों को उम्मीद है कि ब्याज दरें कम होंगी। अभी निवेशक अपना निवेश ईंधन और डॉलर में कर रहे हैं। इसके चलते भावों में तेज गिरावट आई है।

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