फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शालीमार बाग : बाहर हरे भरे स्लोगन अंदर दम तोड़ते पौधे अंतिम सांसे गिन रहे

Shikha Pandey Updated Sun, 03 May 2026 11:02 PM IST

भीतरगांव विकास खंड के बड़े-बड़े दावों और नारों के बीच महरौली गांव का शालीमार बाग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बाहर से शानदार स्लोगन और डेंट-पेंट के जरिए इसे खूबसूरत दिखाने की कोशिश तो की गई है, लेकिन बाग के भीतर की हकीकत बेहद डरावनी है। देखरेख के अभाव में यहाँ लगे हजारों पौधे या तो सूखकर डंठल बन चुके हैं या अंतिम सांसें गिन रहे हैं। पौधों की सिंचाई के लिए पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। बाग में तैनात कर्मचारियों का अता-पता नहीं रहता, जिससे व्यवस्था पूरी तरह ठप है। जिन थालों में पौधे रोपे गए थे, पानी न मिलने के कारण उनमें गहरी दरारें पड़ चुकी हैं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें