सकट चौथ की पूजा के लिए भगवान गणेश को शकरकंद का भोग लगाना अनिवार्य माना जाता है। मान्यता है कि कि बप्पा को शकरकंद अर्पित करने से पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आती है और संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं। कल महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रहने के बाद शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के पश्चात दूध और उबली हुई शकरकंद खाकर ही अपना व्रत खोलेगी। शकरकंद के साथ मुख्य भोग तिल और गुड़ से बना प्रसाद होता है।