गणेश महोत्सव के अंतिम दिन शनिवार को पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमा की गाजे बाजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई। डीजे की धुन पर भक्त थिरकते हुए अबीर-गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे। मुख्य मार्गों से होते हुए विसर्जन यात्रा गगनीखेड़ा झील पहुंची। वहां गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आना के जयकारे के साथ प्रतिमाओं को विसर्जित किया। सुबह से शाम तक करीब 150 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।