किदवई नगर स्थित रतनलाल शर्मा स्टेडियम में रविवार को शिव शक्ति अखाड़ा के द्वितीय स्थापना दिवस पर शस्त्रोत्सव का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्र पूजन, निहंग सरदारों और संन्यासियों के शस्त्र संचालन, ब्रह्मनाद वादन और वीर रस के काव्य पाठ ने लोगों में उत्साह भरा। संतों ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक एकता पर जोर दिया। सनातन महासंघ के संस्थापक डॉ. गौतम खट्टर ने कहा कि नई पीढ़ी को सांस्कृतिक परंपराओं और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। मुख्य अतिथि डॉ. साध्वी प्राची दीदी ने सनातन संस्कृति और धार्मिक पहचान मजबूत करने के लिए संगठित होने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय वीर रस कवि राम भदावर के काव्य पाठ ने भी उत्साह जगाया। महंत मधुराम शरण शिवा महाराज ने जाति-संप्रदाय से ऊपर उठकर एकता और मंदिरों में अखाड़ा परंपरा को जीवित रखने पर जोर दिया। प्रदेश महामंत्री आशीष त्रिपाठी ने शस्त्र पूजन को साहस, आत्मरक्षा और कर्तव्यबोध का प्रतीक बताया। वेदपाठी बच्चों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। निहंग सरदारों, बटुकों और संन्यासियों ने शस्त्र संचालन व ब्रह्मनाद का प्रदर्शन किया। शिवाजी, महाराणा प्रताप और रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप में पहुंचे बच्चों ने ध्यान खींचा। लोग तलवार, त्रिशूल, गदा, बंदूक, रिवॉल्वर और कृपाण के साथ सेल्फी लेते दिखे। स्वामी डॉ. मदन गोपाल दास, डॉ. शिवदत्त, कृष्णदास महाराज, शिवकांत महाराज, पूर्व महापौर रवींद्र पाटनी, विधायक महेश त्रिवेदी और पंकज जायसवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।