मोतीझील स्थित लाजपत भवन लॉन में रविवार को उत्तर प्रदेश बांग्ला मेला संपन्न हुआ। मेले के अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड ने इस बुक फेयर का आयोजन किया। दिनभर विभिन्न सत्रों में संगोष्ठी, संगीत और बैंड प्रदर्शन हुए। संस्था के सचिव मृदुल घोष विश्वास ने कार्यक्रम का संचालन किया। प्रथम सत्र में बंगाली साहित्यिक परिचर्चा आकर्षण का केंद्र रही। अभिनेता और लेखक भास्वर चटर्जी ने फिल्म और टीवी उद्योग में कलाकारों की सुरक्षा पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अभिनेता राहुल बनर्जी की दुर्घटना के बाद यह विषय महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने अपने उपन्यासों के माध्यम से कश्मीरी पंडितों की स्थिति पर प्रकाश डाला। परिचर्चा में बंगाल की राजनीति और चुनावी परिदृश्य पर भी सार्थक चर्चा हुई। शाम को वंदना देबराॅय ने दिव्यांग बच्चों का भावनात्मक नृत्य प्रस्तुत किया। समारोह का मुख्य आकर्षण बंगाल का चर्चित संगीत बैंड हुलीगानिज्म रहा, जिसने अपनी दमदार प्रस्तुति से वातावरण को ऊर्जा से भर दिया। मैनेजर अर्जुन साहा ने बताया कि यह नौ कलाकारों का विभिन्न शैलियों का संगीत समूह है, जो मौलिक गीतों से सामाजिक वास्तविकताओं को प्रस्तुत करता है। उनके संगीत में लोक संगीत की ऊर्जा, शास्त्रीय गहराई और आधुनिक शहरी ध्वनि का अनूठा मिश्रण था।