स्टेट जीएसटी ने सेवानिवृत्त कैप्टन के पेंशन खाता समेत समेत दो बैंक खातों को मंगलवार को खोल दिए। इन खातों को बिना किसी पूर्व सूचना के 18 मार्च को सीज कर दिया गया था। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले व्यापारियों ने अपर आयुक्त ग्रेड वन से मिलकर इस कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया। सीज कार्रवाई को भी गलत बताया। कहा कि एक्स पार्टी आर्डर तक नहीं मिला। सेवानिवृत्त कैप्टन सुरेंद्र सिंह के खाते वर्ष 2010-11 के वैट मामले में बकाया 4,21,912 रुपये के संबंध में सीज किए गए थे। प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि कैप्टन सिंह की फर्म 16 वर्ष पहले बंद हो चुकी थी। और सीज किए गए खाते उनके निजी थे। एक में पेंशन आती थी। जो बंद फर्म से जुड़े नहीं हैं। वार्ता के दौरान ही अपर आयुक्त ने कैप्टन सिंह के दोनों बैंक खाते खोलने के आदेश दिए। अपर आयुक्त वीपी राम ने फाइल मिलने पर वैट के पुराने मामले में धारा 32 के तहत केस खुलवाकर मदद का आश्वासन भी दिया। ज्ञानेश ने बताया कि कैप्टन सुरेंद्र सिंह एनएसजी में रहे। उनकी फर्म घाटे के कारण बंद हो गई थी। उन्होंने कहा कि कैप्टन सिंह को वर्ष 2010-11 के मामले में कोई नोटिस या एक्सपार्टी आदेश नहीं मिला था। उनके बेटे अमित चौहान को विभाग में फाइल नहीं मिली। कैप्टन का पता दर्ज होने के बावजूद कोई नोटिस नहीं दिया गया। फाइल मिलने पर कैप्टन सिंह मामले का जवाब देंगे। इस मौके पर कैप्टन सुरेंद्र सिंह, अमित सिंह, रोशन गुप्ता, मनीष गुप्ता, मनोज गुप्ता, शशांक रीक्षित, पवन गौड़, जनार्दन चौधरी आदि थे।