कानपुर में होली के लिए पिचकारी और रंग का बाजार सज गया है। गुमटी नंबर पांच, गोविंदनगर, किदवईनगर, बर्रा दो, कर्रही, लालबंगला, कल्याणपुर, पीरोड, सीसामऊ बाजार, नवीन मार्केट, बिरहानारोड, एक्सप्रेस रोड समेत शहरभर के अलग-अलग फुटकर बाजारों में भी दुकानें सज गई हैं। थोक बाजार पूरे शहर के अलावा देश के कई राज्यों को अलग-अलग रंग और गुलाल से सरोबार करता है। होली में 5000 टन से ज्यादा रंग और गुलाल बिक जाता है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा पश्चिम बंगाल, गुवाहाटी और नेपाल तक शहर से रंग जाता है। बाजार में इस बार फलों से बने रंग और गुलाल पहली बार आए हैं। वहीं, रंग की जगह हर्बल गुलाल ने ले ली है। 15 तरह के हर्बल गुलाल उपलब्ध हैं। स्प्रे पिचकारी की अच्छी मांग है। पहले हाथ से बनी पैंकिंग वाले रंग बाजार में थे। अब गिफ्ट पैंकिंग स्टाइल में रंग और गुलाल आ रहा है। कारोबारियों ने बताया कि होली पर अब रंग 10 फीसदी और गुलाल 90 फीसदी इस्तेमाल हो रहा है। अब स्प्रे वाले रंग के अलावा पार्टी पॉपअप आएं हैं। रंग बिरंगें धुआं, सिलिंडर, फायर पाइप बाजार मंल लाए गए हैं।