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कानपुर: गल्ला मंडी बंद कर खून से हस्ताक्षर वाला ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा

कहा गया कि जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था एक जुलाई से दो महीने के परीक्षण के तौर पर लागू की गई थी लेकिन जुलाई समाप्त होने को है और व्यवस्था अभी भी सुचारु नहीं हो पाई है। छोटी-छोटी तकनीकी कमियों के आधार पर व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंडी समिति के गेट पास पर वाहन की गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा दर्शाई गई है जिसके अनुसार 48 घंटे में 1440 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी, जो संभव नहीं है। वहीं दूसरी ओर उसी गेट पास पर 48 घंटे में अधिकतम 500 किलोमीटर की दूरी का उल्लेख है। ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि जीएसटी के ई-वे बिल में भी 48 घंटे में केवल 200 किलोमीटर की दूरी का प्रावधान है। इससे कारोबारियों को बहुत परेशानी हो रही है। इन व्यवस्थाओं को वापस लिया जाए। कानपुर प्रदेश में लगभग 251 गल्ला एवं सब्जी मंडियां हैं। जिनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। इन क्षेत्रों के अनेक व्यापारी तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल दक्षता के अभाव में इस व्यवस्था का सुचारु रूप से पालन नहीं कर पा रहे हैं। वाहन टैगिंग करने में तकनीकी अथवा मानवीय त्रुटि होने पर प्रदेश में 451 व्यापारियों उद्यमियों पर पेनाल्टी लगाई गई है और नोटिस भेजे गए हैं। इस मौके पर अजय बाजपेई, अनुराग जायसवाल, गोपाल शुक्ला, मनीष गुप्ता, आशीष मिश्र, केके गुप्ता, सौरभ पांडेय, पंकज कुशवाहा, संजय भदौरिया,अर्जित गुप्ता उदयभान सिंह पटेल, राजेंद्र मिश्र आदि थे।

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