फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: केडीए ने गिराया नोटिफाइड पार्क, अब जवाब दिया कि इसका आवंटन नहीं किया जा सकता

साकेत नगर डब्ल्यू वन ब्लॉक स्थित रेणुका पार्क को केडीए ने आशीष शुक्ला को कब्जा देने के लिए पार्क पर बुलडोजर चला दिया था। अब पुलिस ने उसे फर्जी दस्तावेजों के मामले में नैनीताल से गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद रेणुका वाटिका नागरिक विकास समिति की ओर से रेणुका वाटिका में प्रेसवार्ता कर बताया कि केडीए ने विधान परिषद की सदभाव समिति में अपना जवाब दाखिल किया है कि नोटिफाइड पार्क है। इसका आवंटन नहीं किया जा सकता है। समिति के महामंत्री व पूर्व विधायक रामप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि अधिकारियों की साठगांठ से यह पार्क गिरा दिया गया है। वहीं, विधान परिषद में सभापति ने कहा कि यह नोटिफाई पार्क है इसलिए इसे बचाने की जिम्मेदारी केडीए की है। विधान परिषद की सदभाव समिति ने इस बात को गंभीरता से संज्ञान में लिया है कि केडीए ने किसी भी फोरम या न्यायालय में यह बात नहीं रखी कि उक्त पार्क के संबंध में नोटिस दिया था जबकि पहले ही दिया जाना चाहिए था और जब उसने 17 साल तक उस पर को निर्माण नहीं कराया तो आवंटन निरस्त कर देना चाहिए था। आवंटन कैंसिल करने की नोटिस भी देनी चाहिए थी। इसके बाद जवाहर विद्या समिति ने समय पर पैसा नहीं जमा किया तो कैंसिल की नोटिस देनी चाहिए थी। वहीं, रवि पांडेय, भारतीश मिश्रा, हरीश खत्री सहित अन्य लोगों ने बताया कि पार्क में चल रहे विवाद को लेकर सभी लोग अधिवक्ता अखिलेश दुबे के पास मदद कके लिए गए थे। पूर्व पुलिस आयुक्त ने कांग्रेसियों के साथ मिलकर अखिलेश दुबे को इस पार्क में कब्जे के मामले में फर्जी तरीके से फंसा दिया गया है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें