GSVM के मनोचिकित्सक डॉ. धनंजय चौधरी ने कहा है कि कम अंक आने पर छात्रों को हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि अंक प्रतिभा का एकमात्र पैमाना नहीं हैं। उन्होंने छात्रों को अपनी कमियों को सुधारते हुए दोगुनी मेहनत के साथ आगे बढ़ने और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी है।