सावन का महीना आते ही ग्रामीण इलाकों में आज भी झूलों की परंपरा जीवित है, लेकिन शहरों में यह नजारा अब कम ही देखने को मिलता है। हालांकि, शुक्रवार को कानपुर के जाजमऊ स्थित वाजिदपुर इलाके में बच्चों ने इस परंपरा को ज़िंदा रखा। यहां एक खाली प्लॉट में बच्चों ने मिलकर पेड़ के सहारे झूला लगाया। एक साथ इकट्ठा होकर झूला झूलते रहे।