कानपुर में बुधवार शाम को जिस समय किशोर लापता हुआ और परिवार उसकी तलाश कर रहा था। उस दौरान दोनों आरोपी भी उनके साथ किशोर को तलाशने का ड्रामा कर रहे थे। उनकी मंशा परिवार के करीब रहकर हर गतिविधि पर नजर रखने की थी। उन्हें लगता था कि वे लोग परिवार के करीब रहेंगे, तो किसी को उन पर शक नहीं होगा। पूरे समय आरोपियों में से कोई न कोई परिवार के साथ रहा। इसके साथ ही सभी एक दूसरे को पल-पल की खबर दे रहे थे। जिस समय 40 फीट गहरे गड्ढे में रक्तरंजित शव बरामद हुआ, उस समय आरोपी भी वहीं खड़े होकर शव को बाहर निकलते देख रहे थे।