शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की इच्छाशक्ति किस तरह एक बड़ा बदलाव ला सकती है, इसका उत्कृष्ट उदाहरण कानपुर के भीतरगांव ब्लॉक में स्थित तिवारीपुर कंपोजिट स्कूल ने पेश किया है। प्रधानाध्यापक आराधना मौर्य और ग्राम प्रधान पंकज शुक्ला की मेहनत और लगन से यह सरकारी स्कूल अब एक 'स्मार्ट' स्कूल में बदल गया है। इस विद्यालय में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए डिजिटल क्लासरूम की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कक्षा के छात्र-छात्राओं को रोजाना प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाया जाता है, जिससे बच्चे बहुत उत्साह के साथ पढ़ाई कर रहे हैं और अपने भविष्य को एक नई दिशा दे रहे हैं।