कानपुर में जाजमऊ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालन में लापरवाही से ही गंगा मैली नहीं हो रही, बल्कि रानी घाट सहित पांच नाले भी इस राष्ट्रीय नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। इन नालों और पांडु नदी में गिर रहे 11 नालों को टैप करने के लिए एनएमसीजी धनराशि स्वीकृत कर चुका है, पर धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ। उधर, गंगा में गिर रहे नालों के गंदे पानी को बायोरेमेडिएशन विधि से शोधित करने के नाम पर भी खानापूरी हो रही है।