भीतरगांव कस्बे में टेसू और झोंझिया विवाह समारोह का पारंपरिक उत्सव शरद पूर्णिमा की रात समाप्त हो गया। ब्रज क्षेत्र में प्रचलित यह विवाह उत्सव महाभारत के वीर बर्बरीक की अधूरी प्रेम कहानी को पूरा कराने और भविष्य के नव जोड़ों के लिए राह प्रशस्त करने का संदेश देता है। टेसू-झोंझिया की बारात भीतरगांव कस्बे में रविवार शाम को निकाली गई। इस दौरान किशोर-किशोरियों ने टेसू-झोंझिया की आकृति बनाकर घर-घर जाकर बुंदेली गीत गाए और पारंपरिक रूप से चंदा एकत्र किया। उत्सव का समापन सोमवार को हुआ, जब पूरे उत्साह के साथ टेसू-झोंझिया की बारात की विदाई की गई।