भारतीय वास्तुकला का बेजोड़ नमूना और गुप्तकालीन ईंटों से निर्मित दुनिया का प्राचीनतम भीतरगांव मंदिर, सूरज ढलते ही अपनी चमक खो देता है। विडंबना यह है कि इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज यह धरोहर रात होते ही घने अंधेरे में गुम हो जाती है। मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में एक भी स्ट्रीट लाइट न होने के कारण, रात के समय यह मंदिर बाहर से बिल्कुल दिखाई नहीं देता।