नवीन गंगापुल से भारी वाहनों की आवाजाही पर पुलिस लगाम नहीं लगा पा रही है। शाम ढलते ही भारी वाहनों का प्रवेश शुरू हो जाता है। इनमें टैंकर, डंपर और ट्रक शामिल हैं। इनकी वजह से पुल की मजबूती पर असर पड़ने लगा है। भारी वाहनों के निकलने के दौरान पुल कंपन करने लगा है। वहीं बीच पुल मार्ग पर पैचवर्क उखड़ जाने से सतह की सरिया भी दिखने लगी है। शुक्लागंज की ओर पुल मोड़ के पास पुलिस और यातायात विभाग ने भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध का बोर्ड लगा रहा है लेकिन इस पर अमल नहीं हो पा रहा है। शाम होते ही प्रतिबंधित भारी वाहन पुल मार्ग से गुजरने लगते है। इससे यातायात बाधित होता है। साथ ही पुल की मजबूती पर भी इसका असर पड़ने लगा है। उन्नाव से शुक्लागंज होकर कानपुर की ओर जाने वाले भारी वाहनों से पुल मार्ग की सड़क जर्जर और क्षतिग्रस्त हो गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग पैचवर्क कराकर काम चला रहा है। हालांकि लगातार कई बार पैचवर्क के उखड़ने से क्षतिग्रस्त वाला हिस्सा बढ़ता जा रहा है। अब पुल का 12 फीट लंबा और चार फीट चौड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त अवस्था में है। दो-दो फीट लंबा और चौड़े भाग का हिस्सा उखड़ गया है। पुल की सतह की सरिया दिखने लगी है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन एचडी अहिरवार ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से को सही तरीके से बनाने के लिए आवागमन रोकना पड़ेगा। इसके लिए अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। टीआई सुनील कुमार सिंह ने बताया कि भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी।