चंद्रग्रहण का सूतक काल समाप्त होते ही प्रसिद्ध कुडनी हनुमान मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर की परंपरा के अनुसार, ग्रहण के दौरान ढके गए गर्भगृह की मुख्य मूर्ति से वस्त्र हटाया गया, जिसके बाद पूरे मंदिर परिसर का शुद्धिकरण और धुलाई की गई। पवित्रता के साथ हनुमान जी की भव्य मंगल आरती की गई, जिसके पश्चात भक्तों ने कतारबद्ध होकर बजरंगबली के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।