मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की जांच गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही। खास बात यह है कि सात सदस्यीय टीम में आज भी तीन सदस्य ही जांच व नापजोख करने पहुंचे। इससे लोगों में नाराजगी रही। वहीं, लोगों ने आरोप लगाया कि गलत नक्शे से जांच की जा रही है। टीम जिस स्थान पर पैमाइश और सीमांकन का कार्य कर रही है, वहां वह भूमि संख्या है ही नहीं। इसको लेकर लोगों ने खूब हो-हल्ला मचाया। परमसुख खेड़ा निवासी कमलेश ने 26 दिसंबर को आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी कि मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली गांव की भूमि संख्या 454 और 455 सरकारी जमीन पर भूमाफिया कब्जा कर रहे हैं। वहीं, शक्ति नगर निवासी दिव्या अवस्थी ने भी भूमि संख्या 417 की लगभग 29 बीघा पांच बिस्वा जमीन पर कब्जे की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय टीम गठित की गई थी। बुधवार को छह सदस्यीय टीम में सिर्फ तीन सदस्य जांच करने पहुंचे। इससे ग्रामीणों व शिकायत करने वालों में नाराजगी रही। गुरुवार को दूसरे दिन भी जांच टीम के तीन सदस्य ही पहुंचे। टीम के पहुंचने पर लोगों ने आरोप लगाया कि जांच टीम जिस स्थान पर पैमाइश और सीमांकन का कार्य कर रही है, वहां वह भूमि संख्या है ही नहीं। शिकायत में शामिल भूमि संख्या 417 का रकबा करीब 29 बीघा पांच बिस्वा है, लेकिन टीम दूसरे स्थान पर जांच कर रही है। उधर, जांच टीम के सर्वे लेखपाल अभिषेक कुमार, निर्मल कुमार व रमेश ने बताया कि उच्चाधिकारियों की ओर से जो नक्शा उन्हें दिया गया है, उसी के अनुसार वह जांच कर रहे हैं। विभागीय कार्यों में व्यस्तता के कारण टीम के अन्य सदस्य नहीं आ सके। जांच करने में तीन से चार दिन का वक्त लगेगा।