विजयदशमी के दिन असत्य पर सत्य की जीत की खुशियों में जहां देश भर में रावण वध या उसके पुतले दहन का आयोजन किया जाता है। वहीं भीतरगांव ब्लॉक के अमौर गांव में बने रावण का वध दीपावली के बाद दशमी तिथि को किया जाता है। अमौर गांव की श्रीरामलीला पंचायती समिति के प्रबंधक गजेंद्र तिवारी बताते हैं कि यह परंपरा गांव में 226 वर्ष पुरानी है। पुरखों की धरोहर रामलीला को आज भी ग्रामीण सहेजे हुए हैं।