उत्तर प्रदेश में चुनाव सिर पर हैं और इससे ठीक पहले आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, जीएसटी विभाग सक्रिय हो गए हैं। पीयूष जैन के यहां से मिली अकूत सम्पत्ति के बाद अब इन संस्थाओं ने पुष्पराज जैन का दरवाजा खटखटाया है। समाजवादी पार्टी अभी पीयूष जैन के मामले से पल्ला झाड़ भी नहीं पाई थी कि उसके सामने सवालों की एक और लंबी सूची तैयार होने वाली है। हालांकि अखिलेश यादव ये पहले ही कह चुके हैं कि पीयूष जैन तो गलती से इन संस्थाओं का शिकार हो गए है, जबकि इनका असली टारगेट पुष्पराज जैन थे।