यह झांसी का वही प्रचीन मंदिर है जिसमें महाराजा गंगाधर राव एवं रानी लक्ष्मीबाई का विवाह 19 मई 1842 को हुआ था। विवाहोत्सव की 184 वीं वर्षगांठ पर महाराष्ट्रीय गणेश मंदिर में मेहंदी की रस्म एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शोभायात्रा में पारंपरिक महाराष्ट्रीय एवं बुंदेली परिधानों में लोग उत्साह से शामिल होंगे। बुंदेली वाद्य यंत्रों रमतूला और शहनाई की गूंज लोगों को मंत्रमुग्ध करेगी। शोभायात्रा का जगह - जगह स्वागत होगा। राजा गंगाधर राव एवं रानी लक्ष्मीबाई के विवाहोत्सव कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह छाया है।