हंसारी स्थित विद्युत भंडार में हुई गड़बड़ी का खामियाजा न केवल उपभोक्ता भुगत रहे हैं बल्कि सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्में भी परेशान हैं। पिछले 80 घंटों से बिजली के खंभों से लदे ट्रक भंडार (डिपो) के मुख्य द्वार के पास खड़े हैं लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है। चालकों का कहना है कि वे तीन दिन से हिल भी नहीं पा रहे। दो जनवरी को हंसारी स्थित विद्युत भंडार में स्क्रैप के साथ 365 किलोग्राम कॉपर ले जाया जा रहा था। दक्षिणांचल विद्युत निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया था। गड़बड़ी करने वाले आरोपियों पर प्रेम नगर थाने में मामला दर्ज हुआ है। सहायक अभियंता और स्टोर प्रभारी निलंबित भी हो चुके हैं। गार्ड को भी हटा दिया गया लेकिन कामकाज शुरू नहीं हो सका। इसी का नतीजा है कि कंकरीट उद्योग फर्म के तीन ट्रक पोल से लदे हुए रविवार सुबह से खड़े हैं। उन्हें अभी तक भंडार में नहीं रखा गया। बताया गया कि अभी प्रभार लेने वाले स्टोर प्रभारी नीरज पाठक व सहायक अभियंता पुष्पेंद्र सिंह की आईडी नहीं बन सकी, लिहाजा काम शुरू नहीं हो सका। इस मामले में मुख्य अभियंता केपी खान हंसारी भंडार में हुई कार्रवाई के बाद अभी नए अधिकारियों को प्रभार दिया है। सामग्री लाने ले जाने के लिए प्रक्रिया चल रही है।