डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने छह दिसंबर को अखिलेश यादव द्वारा आगरा में दरगाह पर चादर चढ़ाने पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में हार के बाद से अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन बिगड़ा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में एक्सीडेंटल जीत के बाद से उन्हें लगने लगा था कि अब यूपी की गद्दी भी कब्जा कर लेंगे। प्रदेश में लाल टोपी और जाली टोपी वाले दिखने लगे थे लेकिन बिहार चुनाव से साफ हो गया कि 2047 तक सत्ता तो छोड़िये, वह विपक्ष के लायक नहीं बचेंगे। इसीलिए अखिलेश उल्टे सीधे काम कर रहे हैं। अखिलेश की राजनीति अंत की ओर है और सपा का सूर्य अस्त की ओर है। एसआईआर पर अखिलेश द्वारा सवाल उठाने पर डिप्टी सीएम ने कहा कि सपा प्रमुख बचकानी बात कर रहे हैं। ऐसी बातें करके वह हंसी के पात्र बन रहे हैं। मुर्शिदाबाद में मस्जिद के सवाल पर कहा कि 1992 में बाबरी का ढांचा ढह गया। हम मस्जिद का विरोध नहीं करते, लेकिन बाबर के नाम पर मस्जिद बनेगी तो विरोध भी होगा और अंत भी होगा। 2026 में बंगाल में भाजपा की सरकार बन रही है। कफ सीरप मामले पर बोले कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।