जौनपुर में मुहर्रम की दसवीं तारीख पर गमगीन माहौल में ताजिया जुलूस निकाले गए। 'या हुसैन' के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। कई स्थानों पर सभी समुदायों की सहभागिता ने गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की खूबसूरत मिसाल पेश की।