बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। सरकार के इस कदम से जनता से लेकर किसान तक परेशान होगा। निजीकरण के बाद अब उनके सामने बिजली जलाना सपने जैसे हो जाएगा। यप बात जेई संगठन के अध्यक्ष जगदीश वर्मा ने कहीं। निजीकरण का विरोध अब तक कर्मचारी कर रहे थे। गुरुवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सभी पदाधिकारी इसके खिलाफ उतर आए हैं। उन्होंने काम खत्म करने के बाद शाम को पांच से छह बजे तक जालौन रोड स्थित ऊर्जा भवन में पहुंचकर विरोध किया। एक घंटे के विरोध प्रदर्शन में जमकर नारेबाजी की गई और तख्तियां लेकर निजीकरण के नुकसान को बताया गया। इस विरोध में एक दर्जनों कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।