हाथरस जनपद में मार्च और अप्रैल के महीने में कुदरत का ऐसा कहर नहीं देखा, बारिश में भीगी फसल ठीक से सूख भी नहीं पाती है, इसी बीच फिर से बारिश आ जाती है। 15 दिन में पांच बार बारिश और तीन बार ओलावृष्टि हुई है। पहले खेत में कटी फसल सुखानी पड़ रही है, निकासी के बाद नमी दूर करने के लिए गेहूं को सुखाना पड़ रहा है। अब तो किसान भी थक गया है, दिन ब दिन नुकसान ऊपर से हो रहा है। जिले के बुजुर्ग किसानों का कहना है कि उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में वैशाख के महीने में ऐसी बारिश नहीं देखी।