जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा के दौरान टडियावां के ग्राम जपरा तिराहा पर सत्संग को संबोधित करते हुए बाबा पंकज ने कहा कि पूर्व जन्मों के सद्कर्मों के कारण ही मानव शरीर मिलता है। उन्होंने कहा कि जब जीव पैदा होता है तब कोई जाति, बिरादरी, मजहब नहीं होता। बाद में चेतना आने पर हमारा नाम पड़ता है। कर्म के अनुसार हमारी जाति बन गई। हमें श्वांसों की पूंजी सीमित मिली है। समय पूरा होते ही यमदूत आकर शरीर से जीवात्मा को निकाल कर अलग कर देंगे। उस समय जमीन-जायदाद और जाति-बिरादरी काम नहीं आएगी। कोई भी सगा संबंधी शरीर को घर में रखने को तैयार नहीं होगा। अनिल कुमार, दया शंकर, नंहेलाल, राम किशोर वर्मा प्रधान, मान सिंह आदि ने बाबा का माल्यार्पण कर स्वागत किया।