हापुड़ के ब्रजघाट में बृहस्पतिवार की सुबह गढ़-ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से मुख्य स्नान घाट की सीढ़ियों के साथ ही बीच टापू पर बने अस्थायी घाटों पर जलभराव हो गया। जलस्तर में करीब दो फीट की बढ़ोतरी होने से स्नानार्थियों की सुरक्षा को भी खतरा बन गया है। करीब दो माह से क्षेत्र में गंगा का जलस्तर सामान्य बना हुआ था। जिससे कच्चे घाटों और ब्रजघाट पर गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान व अन्य कर्मकांड़ करने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी। गंगा सभा आरती समिति के कानूनी सलाहकार कपिल नागर ने बताया कि बुधवार की देर रात से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई। बृहस्पतिवार की सुबह तक लगभग दो फीट तक जलस्तर बढ़ गया। इससे आरती स्थल और मुख्य स्नानघाट की सीढि़यों के साथ ही महिलाआंे के वस्त्र बदलने के लिए बनाए गए कक्ष में पानी भर गया। इसके अलावा गंगा के बीच में रेतीले टापू पर बने अस्थायी घाट जलमग्न हो गए हैं। पक्के घाट की तरफ जेट्टी बेरिकेडिंग के साथ बल्लियों से भी बेरिकेडिंग कराई हुई है। लेकिन, अस्थायी घाटों की तरफ सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में उस तरफ स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं के डूबने की आंशका भी बढ़ गई है। एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि बिजनौर बैराज से अतिरिक्त डिस्चार्ज के कारण जलस्तर में कुछ बढ़ोतरी हुई है। पुलिस को निर्देशित कर अस्थायी घाट हटवाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।