मेहनत मजदूरी करने वाले एक परिवार की आर्थिक तंगी और अस्पताल की संवेदनहीनता उसकी मासूम बच्ची की मौत का कारण बन गई। अस्पताल ने बच्ची के इलाज के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। बेबस पिता रुपयों के इंतजाम करने की बात कहते हुए गिड़गिड़ता रहा, लेकिन अस्पताल वालों ने एक न सुनी। जिसके कारण उसकी पांच वर्षीय बच्ची ने पिता की बाहों में ही दम तोड़ दिया। सुबह खबर फैली तो अस्पताल फजीहत से बचने के लिए बयान देने से भी बचता रहा।