हमीरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टर की सूझबूझ से पीलिया से ग्रसित नवजात की जान बचाई जा सकी। जन्म के तीन दिन बाद बच्चे के पीलिया से ग्रसित होने का पता चला जिसके बाद बच्चे को SNCU में भर्ती किया गया। जहां डॉक्टर ने बच्चे की नाभी के जरिए ब्लड बदलकर जान बचाई।