सर्दी ने दस्तक दे दी है लेकिन शहर के रैन-बसेरों की व्यवस्था अब भी कागजों में ही गर्म है। जमीनी हकीकत यह है कि मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल और बस स्टेशन के रैन-बसेरों को ही सर्दी लगी हुई है। मेडिकल कॉलेज परिसर में सात बेड का इंतजाम तो दिखा, लेकिन यहां दवाओं के डिब्बे ही डंप पड़े रहे। तैनात कर्मचारी भी यही कहते मिले कि अभी तक कोई भी यहां रहने के लिए नहीं आया। वहीं, महिला अस्पताल का रैन-बसेरा तो पूरी तरह ठप है। यहां ताला झूल रहा है, न कर्मचारी तैनात हैं और न ही किसी तरह की व्यवस्था। शहर के बस स्टेशन पर भी रैन-बसेरे के इंतजाम का कोई नामोनिशान नहीं मिला।