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VIDEO: खून के अवैध कारोबार का खुलासा, अंतरजनपदीय गिरोह के आठ सदस्य गिरफ्तार

गोंडा। कोतवाली नगर पुलिस ने अवैध रूप से खून की खरीद-फरोख्त करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजल सिरिंज और नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह अस्पतालों के बाहर और आसपास रक्त की जरूरत वाले मरीजों के तीमारदारों को निशाना बनाकर मोटी रकम वसूलता था। पुलिस के मुताबिक गिरोह के तार बलरामपुर तक जुड़े हैं। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक और क्षेत्राधिकारी नगर योगेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक विन्देश्वरी मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने चांदमारी पुलिया (घोसियाना) के पास से साहबगंज निवासी मुख्तार, बूढ़ादेवर निवासी विजय, इमामबाड़ा निवासी साहबे आलम, बभनी कानूनगो निवासी सौरभ श्रीवास्तव, बाबागंज (धानेपुर) निवासी शिवम शुक्ला, पैड़ी अजब सिंह (कोतवाली देहात) निवासी ऋषिकेश अवस्थी, पंपापुर (मुण्डेरवा कला) निवासी बृजेश कुमार शुक्ला तथा आदर्श कॉलोनी, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर निवासी अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजल सिरिंज और नौ मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की जांच से गिरोह के नेटवर्क, लेन-देन और अन्य सहयोगियों की जानकारी मिलेगी। मरीज के परिजन से 12,500 रुपये लेकर दिया संदिग्ध रक्त पुलिस के अनुसार, खरगूपुर थाना क्षेत्र के परसा गांव निवासी वली मोहम्मद ने तहरीर देकर बताया था कि उनकी पत्नी चार जुलाई को अस्पताल में भर्ती थीं। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने रक्त की जरूरत बताई। इसी दौरान अस्पताल के बाहर ऋषिकेश अवस्थी ने 12,500 रुपये में रक्त उपलब्ध कराया। वली मोहम्मद ने 10 हजार रुपये ऑनलाइन और 2,500 रुपये नकद दिए। जांच में रक्त संदिग्ध और अनुपयुक्त मिलने पर डॉक्टरों ने उसे चढ़ाने से मना कर दिया। आरोप है कि न तो दूसरा रक्त उपलब्ध कराया गया और न ही रुपये लौटाए गए। इस मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस तरह संचालित होता था रैकेट पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह बनाकर अस्पतालों और अन्य स्थानों पर रक्त की जरूरत वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क करते थे। इसके बाद ऊंची कीमत पर रक्त उपलब्ध कराकर अवैध कमाई करते थे। पुलिस के मुताबिक, अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव बलरामपुर में एक ब्लड बैंक का संचालन करते हैं, जबकि अन्य आरोपी जरूरतमंद लोगों तक पहुंच बनाकर सौदा तय करते थे।

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