उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की पहली पाली शनिवार को जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर को मिश्रित बताया। अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि हिंदी विषय के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे, जबकि गणित और संस्कृत के प्रश्नों ने उन्हें काफी उलझाया। परीक्षा देने पहुंचे कुछ कार्यरत शिक्षकों ने भी प्रश्नपत्र पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि हिंदी का प्रश्नपत्र संतुलित और सरल था, जिससे प्रश्न हल करने में अधिक कठिनाई नहीं हुई। वहीं गणित में कई प्रश्न समय लेने वाले और अवधारणात्मक थे। संस्कृत के प्रश्न भी अपेक्षा से अधिक कठिन रहे, जिससे कई अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर 8015 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 6382 ने परीक्षा दी, जबकि 1633 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नपत्र को लेकर चर्चा का माहौल रहा। कई अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि कटऑफ का स्तर प्रश्नपत्र की कठिनाई के अनुरूप निर्धारित होगा।