उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन ने बुधवार को विशुनापुर कस्बे में सरकारी रास्ते पर बने पांच पक्के मकानों को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण हटने के बाद सरकारी रास्ता खाली हो गया। सरकारी अभिलेखों के अनुसार ग्राम पंचायत विशुनापुर बेलभरिया के मजरा विशुनापुर में सरकारी रास्ते के रूप में दर्ज है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने इस भूमि पर पक्के मकान बनाकर कब्जा कर लिया था, जिससे रास्ता काफी संकरा हो गया था और आवागमन प्रभावित हो रहा था। ग्रामीणों ने कई बार जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। राजस्व विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर अतिक्रमण का चिन्हांकन कराया। टीम ने अवैध निर्माण चिह्नित कर ध्वस्तीकरण के लिए निशान लगाए। अतिक्रमण नहीं हटने पर गांव की सुशीला देवी ने उच्च न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार को एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार गौतम, तहसीलदार मनीष वर्मा और प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने पांचों अवैध निर्माणों को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया तथा मलबा हटवाकर निर्धारित स्थान पर डलवा दिया।