फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोंडा के मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सांसों पर संकट, नहीं हो पा रही पर्याप्त ऑक्सीजन सप्लाई

यूपी के गोंडा स्थित महाराजा देवी बख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में मरीजों की सांसों पर संकट गहराता दिख रहा है। यहां ऑक्सीजन वाले बेड की समस्या कई महीनों से बरकरार है। मेडिकल वार्ड में 32 बेडों पर पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। लेकिन, पैनल खराब होने के कारण सिर्फ 10 बेडों पर ही मरीजों को ऑक्सीजन मिल पा रहा है। शुक्रवार को एक मरीज को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर रखा गया। बिजली गुल होने के बाद जेनरेटर भी खराब दे गया। इससे मरीज की सांसें अटकने लगी। आनन-फानन उसे दूसरे बेड पर शिफ्ट किया गया, तब जान बच सकी। मौसम के बदलाव के कारण सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इमरजेंसी में प्रतिदिन 20 से 25 सांस के रोगी आते हैं। इन्हें ऑक्सीजन वाले बेड की जरूरत पड़ती है। लेकिन, कई मरीजों को ऑक्सीजन वाला बेड खाली न होने की बात कहकर बिना भर्ती किए ही वापस कर दिया जाता है। ऑक्सीजन वाला बेड न होने पर लंबी सिफारिस के बाद ही मरीज को कंसंट्रेटर के सहारे भर्ती किया जाता है। शुक्रवार को करनैलगंज निवासी बुजुर्ग भूपेंद्र सिंह को पुरुष मेडिकल वार्ड में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सहारे भर्ती किया गया। बिजली गुल होने के बाद जेनरेटर से कंसंट्रेटर की आपूर्ति हो रही थी। लेकिन, दोपहर में अचानक जेनरेटर में तकनीकी खराबी आ गई। इससे कंसंट्रेटर बंद हो गया। मरीज की सांसें अटकने लगी। तीमारदार ने बताया कि स्टॉफ नर्स ने दूसरे बेड पर ले जाकर ऑक्सीजन मास्क लगाया तो राहत मिली। करीब 40 मिनट के बाद जेनरेटर की मरम्मत करवाकर फिर से संचालित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम.डब्ल्यू खान ने बताया कि अस्पताल में पाइप लाइन के जरिए सभी बेडों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था है। लेकिन, पैनल में तकनीकी खराबी के कारण कुछ बेड पर ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। इसके लिए कंसंट्रेटर की व्यवस्था की गई है। प्रधानाचार्य को सूचना दे दी गई है। जल्द ही ऑक्सीजन पैनल की मरम्मत हो जाएगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें