महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल से शनिवार को शव वाहन न मिलने पर मृतक कैलाश मौर्या के परिजन इधर-उधर भटकते रहे। नाराज परिजनों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। जानकारी होने पर एसीएमओ डॉ. रामकुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद तत्काल शव वाहन उपलब्ध कराया गया। मृतक के पुत्र सुनील ने आरोप लगाया कि 19 जून की सुबह पिता की हालत गंभीर होने पर भी तीन घंटे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे और इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। सैदपुर के भीमापार निवासी सुनील ने बताया कि उनके पिता कैलाश मौर्या (70) को 18 जून की दोपहर 3:30 बजे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अगले दिन 19 जून की भोर में उनकी तबीयत और बिगड़ गई। परिजनों ने कई बार वार्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों से डॉक्टर को बुलाने का अनुरोध किया, लेकिन करीब तीन घंटे तक कोई डॉक्टर नहीं आया। इस दौरान इलाज के अभाव में उनके पिता की मौत हो गई।