जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि आधुनिक जमाने में ई-बैंकिंग की सुविधा बहुत आवश्यक हो गई है। अब सहकारी बैंकों को भी उस दिशा में सोचने की आवश्यकता है। नेट बैंकिंग, ई-बैंकिंग हम जल्दी से जल्दी कैसे लागू कर सकते हैं, ताकि जो गैप है उसे भरा जा सके। उन्होंने यह बातें जिला पंचायत हाल में जिला सहकारी बैंक के एटीएम कार्ड की सेवा का शुभारंभ करते हुए बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि जिन कारणों से मुख्य रूप से बैंक घाटे में रहा करते थे, वह कारण जल्दी से जल्दी समाप्त हो सके, यह आवश्यक है। जितना लाभांश अर्जित होगा बैंक किसान को उतना ही धन देने में, सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने में सहयोगी होगा। जब तक किसान एवं कृषि की हालत देश में नही बदलेगी तब तक कोई ताकत हमें विकसित भारत नहीं बना सकती। लंबे समय तक घाटे में चलने वाला सहकारी बैंक आज लाभ अर्जित कर रहा है, यह हम सबके लिए प्रसन्नता का विषय है। उपराज्यपाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सहकारिता मंत्रालय बनाया। अमित शाह जी ने एक नया प्रयत्न सहकारिता के क्षेत्र में शुरू किया। डेढ़ लाख से ज्यादा नई समितियां देश में फिर से बनाई गई हैं। एक समय था जब दुनिया की व्यवस्था में हमारे देश का योगदान किसी अन्य देश से ज्यादा होता था अगर हम इतिहास की बात करें तो 11वीं शताब्दी के आसपास विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 33 प्रतिशत से ज्यादा हुआ करता था। जब देश 1947 में आजाद हुआ तब 1950 में जो सर्वेक्षण किया गया उसमें स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि नई जीडीपी में हमारा हिस्सा सिर्फ 4 प्रतिशत रह गया था। जो देश कभी 33 फीसदी योगदान देता था वह घटकर 4 प्रतिशत हो गया, हमें उन कारणों पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2014 और 2023 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने जो सर्वेक्षण किया है उसके हिसाब से दुनिया की अर्थव्यवस्था में हमारा योगदान 15 प्रतिशत हो गया है। उप राज्यपाल सहित मंचासीन अतिथियों ने एटीएम कार्ड का अनावरण कर लोकार्पण किया। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सरोजेश सिंह ने मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र से स्वागत अभिनंदन किया।