गाजीपुर में खतौनियों में भूमि का गलत अंश दर्ज किए जाने से किसानों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। राजस्व कर्मचारियों पर बिना मौके पर जांच किए मनमाने ढंग से अंश निर्धारण करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार करंडा दिनेश चंद्र श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद लेखपाल और राजस्व निरीक्षक खतौनी में सही अंश दर्ज नहीं कर रहे हैं। इससे जमीन की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी के साथ ही परिवारों के बीच विवाद बढ़ रहे हैं। ग्राम मीरनपुर शक्का, परगना और तहसील सदर की करीब 90 फीसदी खतौनियों में गलत प्रविष्टियां होने का दावा भी किया गया है। ज्ञापन के अनुसार, कई मामलों में कुरसीनामा (वंशावली) की जानकारी और मौके पर जांच किए बिना सभी खातेदारों का अंश बराबर दर्ज कर दिया जाता है। वहीं, दस बिस्वा जमीन में से एक बिस्वा खरीदने वाले व्यक्ति का अंश भी गलत तरीके से आधा दर्ज किए जाने की शिकायत की गई है। इससे वास्तविक हिस्सेदारी प्रभावित होती है।