19 फरवरी 2017 को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई एफआईआर को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई। अपराध संख्या 252 के अंतर्गत धारा 171 एफ, 188 में आरोप पत्र प्रेषित किया गया और अभियोजन पक्ष द्वारा 5 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित किया गया जिसमें अभियोजन अधिकारी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुमार यादव द्वारा न्यायालय में बहस कर अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोप को निराधार और गलत पाने पर डा. संगीता बलवंत, भानु जायसवाल व धीरज जायसवाल को दोषमुक्त कर दिया गया।