महर्षि वाल्मीकि की जन्मजयंती पर धूमधाम से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में 15 से अधिक आकर्षक झांकियां निकाली गईं। शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक प्रेमपाल धनगर व पूर्व ईओ सुरेंद्र कुमार ने महर्षि वाल्मीकि की आरती उतारकर व फीता काटकर किया। शोभायात्रा में हल्ला गाड़ी के साथ युवा नृत्य करते हुए चल रहे थे। वाल्मीकि शोभायात्रा रात साढे़ आठ बजे ऋषभदेव जैन मंदिर से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे हनुमानजी की झांकी, उसके पीछे भगवान शंकर, पार्वती, शेर पर सवार दुर्गा मां की झांकी चल रही थीं। हल्ला गाड़ी पर युवा पूरे जोश के साथ थिरक रहे थे। शोभायात्रा में चार हल्ल्ला गाडिय़ां थीं। आखिर में महर्षि वाल्मीकि का मुख्य डोला था, जिसके आगे बैंड मधुर धुन छोड़ता हुआ चल रहा था। जहां युवा बैंड की धुन पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। वहीं महिलाएं मंगलगान करतीं हुई चल रहीं थी। शोभायात्रा सुभाष चौराहे से प्रारंभ होकर सब्जी मंडी, भारत माता चौक, स्वामी विवेकानंद चौक, कोतवाली, मुख्य बाजार होते हुए दीपा का चौराहा, एनसीआर कालेज रोड, सेंट्रल रोड होते हुए वाल्मीकि आश्रम फ्रेंड्स क्लव पर समाप्त हुई। शोभायात्रा में वाल्मीकि शोभयात्रा के संयोजक भुल्ले नरवार, शोभायात्रा में अध्यक्ष अशोक खरे, महासचिव देश दीपक मेवाती, कोषाध्यक्ष ज्वाला प्रसाद, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वृंदावनलाल गुप्ता, नगर अध्यक्ष आजाद जैन, राहुल चक, सपा नेता मोहम्मद सनी, मुन्नालाल, मुकेश बौहरे, राजेंद्र प्रसाद, सुधीर कुमार, संजय मेवाती, कोमल वाल्मीकि, कुलदीप चौहान, सुरेंद्र कुमार पाथरे, सुजीत भारती, पूरनचंद्र, जयकुमार, बसंत लाल, मिजाजीलाल आदि उपस्थित रहे।