समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक आजम खान के नफरती भाषण मामले में बरी होने के बाद उनकी खत्म की गई सदस्यता का मामला बड़े सवाल के रूप में सामने आ गया है। यह सवाल संवैधानिक व न्यायिक दोनों ही नजरिए से महत्वपूर्ण है। सवाल ये है कि आजम की सदस्यता निरस्त करने से रिक्त घोषित सीट पर जब नया विधायक निर्वाचित होकर शपथ ले चुका है, तो आजम की रद हुई सदस्यता बहाल कैसे हो? आगे अन्य मामलों में ऐसी स्थिति आए, तब क्या होगा? विधि विशेषज्ञों व कानून के जानकारों का कहना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को नए सिरे से स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने चाहिए।