सरयू नदी की धारा मुड़ने से भागलपुर से देवसिया गांव तक पिछले कई दशकों से भीषण कटान हो रहा है। विभाग हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर काम कराता है, लेकिन ग्रामीणों को आज तक स्थाई निजात नहीं मिल पाई है। बंधों की मरम्मत न होने से स्थानीय लोग कटान के डर से सहमे हुए हैं। सरयू नदी की धारा में बदलाव के कारण भागलपुर से लेकर देवसिया गांव तक के इलाके में लगातार कटान हो रहा है। हर साल बरसात में सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल खानापूर्ति करता है । कटान रोकने के नाम पर विभाग हर साल करोड़ों रुपये का कार्य कराता है। ठोकर, बोल्डर पिचिंग और अन्य उपाय किए जाते हैं, लेकिन नदी की धारा के आगे सब फेल हो जाता है। स्थाई समाधान आज तक नहीं निकल सका। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि 15 जून से पहले सभी बंधों का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बावजूद जगह-जगह बंधों में शाही होल और रेन कट बने हुए हैं। बंधे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।