जिले में गेहूं सहित रबी की फसलों की बुआई शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में कुल 83 किसान सेवा सहकारी समितियां संचालित हैं, लेकिन कई समितियों पर ताले लटके हुए हैं तो कुछ में सचिव और कर्मचारी अनुपस्थित हैं। इससे किसानों में नाराजगी है और वे उचित वितरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।