वसंत पंचमी के मौके पर जिले में सरस्वती पूजा के साथ ही होलिका की भी स्थाना की गई। इसके साथ ही होली की बयार शुरू हो गई है। ग्रामीण इलाकों में धूम धाम से सरस्वती पूजा मनाया गया। वहीं अलग अलग स्थानों पर अलग आयोजन हुए। टांडाकला संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के सोनबरसा ग्राम सभा में गंगा तट पर पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए होलिका गाड़ने की रस्म पूरी की गई। सोनबरसा में राजेंद्र निषाद ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गड्ढे में सुपारी और सिक्के डालकर रोपित किया गया। कंदवा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के बहेरा गांव में शुक्रवार की शाम रामचरित मानस पाठ के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गांव में 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया था। इसके समापन के बाद शाम को भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान कन्हैया प्रसाद, मुरारी मास्टर आदि रहे। कमालपुर संवाददाता के अनुसार कस्बा में पंचायत भवन पर ढोढ़ियां में शिव मंदिर परिसर गौसपुर पंचायत भवन पर सरस्वती प्रतिमाएं स्थापित की गयी है। वहीं बरहल, एवती, रामरूप, दासपुर, अहिकौरा में भी प्रतिमायें स्थापित हुई है। डेढ़गांवा बाजार स्थित राधा स्वामी सत्संग दयाल बाग के स्थापना दिवस के अवसर पर डेढ़गावां ब्रांच के सत्संग भवन को फूलों से सजाया गया। चहनिया संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में 40 स्थानों पर पंडाल स्थापित किए गए हैं। बृहस्पतिवार की देर रात पंडालों में माता की प्रतिमा जयकारे के बीच स्थापित की गई। इसके पूर्व मूर्ति निर्माण स्थलों पंडालों तक मूर्तियों को ले जाने का सिलसिला दिन भर चलता रहा। पूरे रास्ते माता की जयकारे से वातावरण में गूंजता रहा। खंडवारी ,बलुआ, कैथी, महुअर, भलेहटा, लक्ष्मणगढ़, मारुफपुर, रामगढ़, हरधन जुड़ा, पपौरा, मथेला घनश्यामपुर, सहित अन्य स्थानों पर आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं।