अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर सोमवार शाम जिला मुख्यालय स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय सदर परिसर से शिक्षकों ने विशाल मशाल जुलूस निकालकर टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार से टेट अनिवार्यता समाप्त करने के लिए नया कानून बनाने की मांग की। मशाल जुलूस पूर्व माध्यमिक विद्यालय सदर से शुरू होकर कचहरी अंडरपास और पावर हाउस अंडरपास होते हुए पुनः विद्यालय परिसर में समाप्त हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में शिक्षक हाथों में मशाल लेकर शामिल हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राम इच्छा सिंह और महामंत्री उपेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के तहत वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षक प्रभावित होंगे। शिक्षक नेताओं ने सरकार से मांग की कि इस निर्णय के खिलाफ कानून में संशोधन कर लाखों शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो शिक्षक सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे।उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार पांडे ने कहा कि शिक्षक अपनी लड़ाई पूरी तरह अनुशासन और संवैधानिक तरीके से लड़ेंगे, लेकिन जब तक समाधान नहीं निकलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।