श्रावण मास के प्रारंभ के साथ ही कांवर यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। बाबा बैजनाथ धाम में जलाभिषेक के संकल्प के साथ देशभर से आए श्रद्धालु डीडीयू जंक्शन के रास्ते सुल्तानगंज की ओर रवाना हो रहे हैं। वहां से वे गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा कर बाबा बैजनाथ के दरबार पहुंचेंगे। कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र डीडीयू जंक्शन बोल बम और हर हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है। पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी श्रद्धालु यहां एकत्र हो रहे हैं। कांवरियों की भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने डीडीयू रेल मंडल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। रेलवे सुरक्षा बल के जवान सभी प्रमुख स्टेशनों पर तैनात किए गए हैं। ड्यूटी पर लगे जवान लाउड हेलर के माध्यम से यात्रियों और कांवरियों को सुरक्षा, संयम और सहयोग का संदेश दे रहे हैं। डीडीयू रेल मंडल के आरपीएफ कमांडेंट जथिन बी राज ने यात्रियों से एक-दूसरे का सहयोग करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, कांवड़ यात्रा एक आस्था का पर्व है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और अनुशासन भी ज़रूरी है। आरपीएफ पूरी सतर्कता से ड्यूटी निभा रही है। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।स्टेशन पर अस्थायी सहायता केंद्र, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, तथा दिशा-निर्देश बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कांवड़िए गंगाजल के पात्र को कांधे पर लेकर, सफेद वस्त्रों में, जयकारों के साथ बाबा बैजनाथ की ओर आगे बढ़ रहे हैं। रेल मंडल में कांवड़ियों की सेवा भावना और अनुशासित यात्रा को देख प्रशासन व स्थानीय लोग भी सहयोग में आगे आए हैं।